ANSHU RADHE KAUSHISH
Thursday, 12 May 2016
लिखा जो उसको ख़त वफ़ा के पते पर
डाकिया भी थक गया शहर ढूंढते ढूंढते
#
Anshu_Kaushish
Saturday, 10 October 2015
भ्रमर कोई कुमुदनी पर मचल बैठा तो हंगामा
हमारे दिल में कोई ख्वाब पल बैठा तो हंगामा
अभी तक डूबकर सुनते थे सब किस्सा मुहब्बत का
मैं किस्से को हकीकत में बदल बैठा तो हंगाम
Home
Subscribe to:
Posts (Atom)